बेसहारा महिला का सहारा बने राहुल और प्रियंका गांधी, युवा कांग्रेस ने की बडी मदद

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नई दिल्ली. देश में करीब 12-14 करोड प्रवासी मजदूर हैं अपने परिवार का पेट पालने और पैसे कमाने के लिए अपना घरवार छोडकर ये लोग दूसरी जगह काम करने गये हुये हैं लेकिन लॉकडाउन की वजह से इनका रोजगार चला गया है ऐसे में अपने घर जाने के लिए ये प्रवासी मजदूर मजबूर हैं !

जिन्हें साधन मिल गये वो तो साधनों से रवाना हो गये लेकिन जिन्हें साधन नहीं मिला वो पैदल ही अपने घर की ओर चल दिये !

इनमें से एक प्रवासी मजदूर की कहानी रूंह कपा देने वाली है ! दिल्ली में काम करके अपना गुजारा करने वाली सुनिता अपने घर जाना चाहती है और अचानक पता चलता है पति की मौत हो गयी !

इस महिला का घर दिल्ली से करीब 976 किमी. दूर बिहार के सासाराम में है पति की मौत कि खबर सुनकर सुनीता बिलख बिलख कर रो पडी लेकिन मजबूरी देखिए जैसे तैसे दिल्ली से यूपी बॉर्डर तक तो पहुंची लेकिन यूपी सरकार के एक ऑर्डर कि कोई भी मजदूर सडक पर न दिखे इस वजह से ये महिला आगे नहीं जा पायी !

एक टीवी चैनल के माध्यम से महिला ने अपील की मुझे कैसे भी मेरे घर पहुंचा दीजिए तब दिल्ली सरकार ने एक्शन लेते हुये तुरंत महिला को शेल्टर होम पहुंचाया लेकिन वहां भी 3 दिन निकल गये तब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मामले का संज्ञान लिया और युवा कांग्रेस को निर्देश दिया कि महिला को तुरंत घर पहुंचाया जाये !

युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीबी श्रीनिवास ने गाडी का इंतजाम कर उस महिला को घर पहुंचाने की व्यवस्था की और बताया कि राहुल गांधी के निर्देश पर हमने महिला को खोजा और घर पहुंचाया साथ ही श्रीनिवास ने बताया कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सुनिता के लडके की पढाई की जिम्मेदारी ली है !

ये बात भी सही है कि देश में न जाने कितनी सुनिता हैं जो अभी भी सडकों पर है और अपने घर जाना चाहती हैं सुनिता तो सोमवार शाम को अपने घर रवाना हो गयी लेकिन उन लोगों का क्या जो अभी सडकों पर अपने गांव की ओर पैदल ही जा रहे हैं और उन्हें ये तक नहीं पता कि वे सही सलामत घर पहुंचेगे या नहीं !

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