ये क्या बोल गये सीएम गहलोत, मुख्यमंत्री का बडा बयान !

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राजस्थान में अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बनाम राज्यपाल के बीच आमने-सामने जैसी स्थिति नजर आ रही है। सीएम ने शुक्रवार को कहा कि राज्यपाल को बगैर किसी दवाब में फैसला लेना चाहिए। नहीं तो अगर राज भवन को घेरने जनता आ गई, तो उनकी जिम्मेदारी नहीं होगी। गहलोत की इस टिप्पणी के थोड़ी देर बाद कांग्रेसी विधायक राज भवन पहुंच गए, जहां परिसर के पार्क में वे धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।
इसी बीच, सूबे के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा है कि अगर मीडिया रिपोर्ट्स (राज्यपाल ने कहा है कि कोरोना के कारण विधानसभा सत्र नहीं हो सकता है) सही हैं तब हम 200 विधायकों की कोरोना जांच कराने को राजी हैं। इससे पहले, हाई कोर्ट के फैसले के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दोपहर को राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात की। सीएम की ओर से विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की जा रही है।

राजस्थान सरकार के एक मंत्री का कहना है कि कैबिनेट ने प्रस्ताव पास कर दिया है, तो राज्यपाल को विधानसभा का सत्र बुलाना ही होगा। केंद्र सरकार लोकतंत्र का गला घोंटना चाहती है। सभी विधायक अब राजभवन पहुंच गए हैं। कांग्रेस नेताओं की ओर से कहा गया है कि कोई भी विधायक कोरोना पॉजिटिव नहीं है, इससे पहले राज्यसभा चुनाव में कोविड पॉजिटिव विधायकों ने वोट दिया था।
इससे पहले गहलोत ने कहा “हमने कल राज्यपाल महोदय को पत्र भेजकर निवेदन किया था कि विधानसभा का सत्र बुलाया जाए और उसमें राजनीतिक हालात, कोरोना पर चर्चा हो। लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। हमारा मानना है कि ऊपर से दबाव के कारण मजबूरी में वो विधानसभा बुलाने के निर्देश नहीं दे रहे हैं।

गहलोत ने कहा “हम सब आ रहे हैं अभी एक साथ राज्यपाल महोदय से रिक्वेस्ट करेंगे। राजभवन के अंदर सबके सामने रिक्वेस्ट करेंगे और कहेंगे कि आप किसी के दबाव में ना आयें। आपका संवैधानिक पद है। अपने शपथ ली हुई है। वरना फिर हो सकता है कि पूरे प्रदेश की जनता अगर राज भवन को घेरने के लिए आगई, तो हमारी ज़िम्मेदारी नहीं होगी।”

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