राज्य सरकार का अहम फैसला,कॉलेजों में इन कक्षाओं की नहीं होगीं परीक्षा

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जयपुर. कोरोना के चलते राज्य सरकार ने कुछ समय के लिए स्थगित की गई राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों, उनसे सम्बद्ध महाविद्यालयों, टेक्नीकल यूनिवसिर्टिज और पॉलिटेक्नीक कॉलेजों की प्रभावित हुयी परीक्षाओं पर राज्य सरकार ने मंगलवार को देर रात बड़ा फैसला लिया है सूबे की गहलोत सरकार ने वर्तमान परीस्थितीयों एवं विधार्थियों के स्वास्थ को ध्यान में रखते हुये फैसला लिया है मार्च में परीक्षाएं स्थगित कर दी गयी थी जिस पर आज सीएम गहलोत ने फैसला ले लिया है

मुख्यमंत्री गहलोत ने फैसला लेते हुये कहा कि राज्य सरकार ने कोविड-19 महामारी के कारण कुछ समय के लिए स्थगित की गई राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों, उनसे सम्बद्ध महाविद्यालयों, टेक्नीकल यूनिवसिर्टिज और पॉलिटेक्नीक कॉलेजों की परीक्षाएं जुलाई के दूसरे सप्ताह में शुरू कराने का निर्णय लिया है।

इसके लिए उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को समुचित व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। सम्बन्धित विश्वविद्यालय और तकनीकी विश्वविद्यालय इन परीक्षाओं की तिथियों का विस्तृत कार्यक्रम जारी करेंगे।

उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के अधिकारियों के साथ निवास पर हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालयों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के अन्तिम वर्ष की परीक्षाएं सबसे पहले कराई जाएं तथा प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को प्रोविजनल रूप से अगले वर्ष में क्रमोन्नत कर दिया जाए।

बाद में परिस्थितियां अनुकूल होने पर स्नातक पाठ्यक्रमों के प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष की परीक्षाएं भी कराई जाएं।

तकनीकी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भी बीटेक, एमटेक और एमबीए पाठ्यक्रमों तथा पॉलिटेक्नीक पाठ्यक्रमों के लिए भी अन्तिम वर्ष की परीक्षाएं जुलाई माह में शुरू कराई जाएं।

इन सभी पाठ्यक्रमों के पूर्ववर्ती वर्षों के विद्यार्थियों को प्रोविजनल रूप से अगले वर्ष में क्रमोन्नत कर बाद में कोविड-19 महामारी के संदर्भ में परिस्थितियां अनुकूल होने पर इन पाठ्यक्रमों के पूर्ववर्ती वर्षों की परीक्षाएं कराई जाएं।

अधिकारियों को परीक्षाओं के दौरान कोरोना महामारी के संदर्भ में जारी हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सभी परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षार्थियों और अध्यापकों द्वारा मास्क तथा सैनिटाइजर के उपयोग की अनिवार्यता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, विद्यार्थियों के परीक्षा केन्द्र पर आवागमन और परीक्षा के दौरान सोशल डिस्टेन्सिंग के नियम की भी सख्ती से पालना हो। आवश्यकता के अनुसार परीक्षा केन्द्रों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया।

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