सचिन पायलट हुये आक्रमक, विरोधियों के सारे षडयंत्र नाकाम, कार्यकर्ताओं के दिल में और बढायी जगह !

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जयपुर. राजस्थान में राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Poll in Rajasthan) के बाद से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद एवं डिप्टी सीएम सचिन पायलट आक्रमक रुप में हैं सियासी गलियारों में सचिन पायलट का विरोध खेमा विभिन्न तरह की चर्चा कर रहा है. लेकिन पायलट खुद अकेले सबको संभाले हुये हैं कुछ दिन पहले राजस्थान के उपमुख्यमंत्री और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने पहले अपनी ट्विटर प्रोफाइल पिक्चर बदलते हुए विधानसभा चुनाव के दौरान का गाड़ी चलते हुए फोटो लगाकर संदेश दिया. इसके बाद मीडिया से बातचीत में इशारों ही इशारों में बिना नाम लिए अपने विरोधियों पर निशाना साधा था

प्रदेश अध्यक्ष पद पर रहूं या ना रहूं ये सोनिया गांधी करेंगी तय

सचिन पायलट ने कहा कि मैं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद पर रहूं या ना रहूं, ये कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को तय करना है. वहीं पायलट ने कहा कि जिन कार्यक्रताओं ने रगड़ाई खाई है, उन लोगों के मान-सम्मान की रक्षा करना मेरा प्रथम कर्तव्य है. पायलट का लगातार आक्रमक रूख कार्यकर्ताओं के मन में उनकी इज्जत और बढाता जा रहा है पायलट समर्थक हर रोज सोशल मीडिया पर सचिन पायलट के समर्थन में हजारों पोस्ट कर रहें हैं

दरअसल, पायटल के इस बयान को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उस बात के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें गहलोत ने राज्यसभा चुनाव से पहले कहा था कि नई पीढ़ी की रगड़ाई नहीं हुई है, जिसकी वजह से पार्टी के प्रति उनकी अस्था कम है.

जिन्होंने रगड़ाई खाई उनके मान सम्मान की रक्षा करना मेरा कर्तव्य

पायलट ने कहा, जिन कार्यकर्ताओं ने धरने दिए, प्रदर्शन किए, भूख हड़ताल की, लाठी खाई अर्थात जिन लोगों ने रगड़ाई खाई है, उन लोगों के मान-सम्मान की रक्षा करना मेरा प्रथम कर्तव्य है. चाहे कुछ हो जाए, उन लोगों की प्रतिष्ठा पर कभी आंच नहीं आने दूंगा. खून पसीना बहाकर हम लोग इस पार्टी को सत्ता में लेकर आए हैं, उनका पूरा सम्मान, चाहे नियुक्ति के माध्यम से हो या सरकार में भागीदारी के जरिए हो यह सुनिश्चित करना मेरा पहला दायित्व है.

उन्होंने आगे कहा कि राज्यसभा चुनाव में एक-एक वोट संख्या बल के हिसाब से गया, जितनी बातें कहीं गई सब निराधार थीं, जो कहा गया और कहलवाया गया उसका कोई औचित्य नहीं था. सचिन पायलट ने कहा कि राज्यसभा के चुनाव खत्म हो चुके हैं. हमारी पार्टी और सहयोगी दलों के विधायकों ने जो पूर्वानुमान लगाया था और संख्या बल था, एक-एक वोट उसके हिसाब सें कांग्रेस उम्मीदवार को गया है.

उपमुख्यमंत्री आगे बोले, राज्यसभा चुनावों में मैंने जो आकलन आपके सामने किया था वही सही था. इसका मतलब यह है कि जितनी बातें कहीं गई सब निराधार थीं, चाहे किसी ने कहीं से बोली हों. संख्या बल हमारे पास था उसके हिसाब से शत फीसदी वोट पड़े.

यहां पर पायलट ने गहलोत कैम्प पर बिना नाम लिए निशाना साधा. राज्यसभा चुनाव के दौरान विधायकों की खरीद-फरोख्त का जो आरोप भाजपा पर राजस्थान के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने और गहलोत ने लगाया उसको यहां पर पायलट ने कहा कि जो बात कहीं गई सब निरोधार हैं यानी पार्टी के साथ था, हूं और रहूंगा.

राजनीति में कब क्या हो जाए किसी को मालूम नहीं

प्रदेशाध्यक्ष बदलने के सवाल पर पायलट ने कहा, राजनीति में कब क्या हो जाए किसी को मालूम नहीं है. किसको क्या काम देना है, यह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का नेतृत्व अच्छी तरह जानता है. किसका कहां उपयोग करना है, उसका उपयोग करते रहते हैं. कब जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष बदलेगा स्तर पर तय होता आया है और होता रहेगा, चाहे संगठन का हो या सरकार में काम देने का इसका निर्णय अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी लेती आई है और लेती रहेगी.

उन्होंने कहा कि मुझे जो जिम्मेदारी दी है उसे पूरी निष्ठा से निभा रहा हूं. हमारे कार्यकर्ताओं की टीम ने 6 साल में जो काम किया, 21 विधायक थे उससे लेकर आज हम सरकार में बैठे हैं. उस तक उसी कार्यकर्ता की मेहनत है. अब हम लोगों की उम्मीदों के मुताबिक शाासन दें जिसकी उम्मीद जनता हमसे करती है.

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