बिष्णुदत्त मामले में बोले राजेन्द्र राठौड कहा देर आये दुरस्त आये

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प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) द्वारा चूरू जिले के राजगढ़ थानाप्रभारी सीआई विष्णुदत्त विश्नोई सुसाइड केस (Vishnudatta Vishnoi Suicide Case) की जांच सीबीआई से कराने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ (Rajendra Rathore) ने कहा कि देर आए, दुरुस्त आए. मामले की सीबीआई जांच से कई चेहरों से नकाब उठेगा. राठौड़ ने कहा कि यदि यह जांच पहले ही सीबीआई को दे दी जाती तो दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ छेडछाड की संभावना कम हो जाती. राठौड़ ने कहा कि विश्नोई की मौत मामले को लेकर परिजनों और बीजेपी की मांग पर सरकार को यह निर्णय लेना पड़ा है. मुख्यमंत्री ने जनदबाव में आकर इस मामले की जांच सीबीआई को देने की मंजुरी दी है.

उबाल पर आ गई थी राजनीति

राजगढ़ थानाप्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई ने गत 23 मई को अपने सरकारी क्वार्टर में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी. उसके बाद शेखावाटी समेत राजस्थान में इस मामले को लेकर राजनीति उबाल पर आ गई थी. बीजेपी समेत राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी. वहीं विश्नोई समाज और सीआई के परिजन भी लगातार केस की जांच सीबीआई से करवाने की मांग कर रहे थे. विश्नोई समाज के प्रतिनिधि मंडल ने पिछले दिनों सीएम अशोक गहलोत से मिलकर अपनी मांग से अवगत कराया था. उसके बाद गुरुवार को विश्नोई समाज ने आंदोलन की चेतावनी भी दी थी. दोपहर बाद राज्य सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने पर अपनी सहमति दे दी.

आत्महत्या से पहले दो सुसाइड नोट लिखे थे

उल्लेखनीय है सीआई विष्णुदत्त ने आत्महत्या से पहले दो सुसाइड नोट लिखे थे. इनमें विश्नोई ने खुद को दबाव में होने की बात लिखी थी. इस मामले को लेकर बीजेपी और राजगढ़ के पूर्व बसपा विधायक मनोज न्यांगली ने स्थानीय कांग्रेस विधायक पर आरोप लगाए थे. वहीं बाद में राज्य सरकार के पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने भी इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी.

उल्लेखनीय है सीआई विष्णुदत्त ने आत्महत्या से पहले दो सुसाइड नोट लिखे थे. इनमें विश्नोई ने खुद को दबाव में होने की बात लिखी थी. इस मामले को लेकर बीजेपी और राजगढ़ के पूर्व बसपा विधायक मनोज न्यांगली ने स्थानीय कांग्रेस विधायक पर आरोप लगाए थे. वहीं बाद में राज्य सरकार के पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने भी इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी.

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