राजस्थान यूनिवर्सिटी के सामने आई एक नई चुनौती , शिक्षक कापी जांचने के नाम पर कर रहे किनारा

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जयपुर: सरकार के आदेशानुसार परिस्थितियाों के अनुकूल होने पर यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं 15 जून से आयोजित करवाई जायेंगी, लेकिन दूसरी ओर राजस्थान विश्वविद्यालय आगामी परीक्षाओं को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति में है। यूनिवर्सिटी को पहले हो चुकी परीक्षाओं की कॉपियां जांचने के लिए भी चुनौतियों का सामना करना पड रहा हैं ।

कोरोना वायरस के चलते कुछ शिक्षकों द्वारा आंसर शीट जांचने से इनकार कर दिया गया हैं। राजस्थान यूनिवर्सिटी में कोरोना संकट के कारण यूजी और पीजी की कई परीक्षाएं अटक गई थी। जबकि लॉक डाउन से पहले संपन्न हो चुकी परीक्षाओं कि आंसर शीट जांचने को लेकर शिक्षकों के तैयार नहीं होने के कारण बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने लॉकडाउन से पहले हुई परीक्षाओं के उत्तर पुस्तक के मूल्यांकन के लिए 50 से ज्यादा शिक्षकों से स्वीकृति मांगी थी, जिसमें से आधे से भी कम शिक्षकों ने रुचि दिखाई है। महज 20 लोगों ने ही शुरू में कॉपी जांचने के लिए अपनी अनुमति दी है। कुछ शिक्षकों ने तो कॉपियों में कोरोना वायरस होने के डर के कारण भी दूरी बनाना ही उचित समझा, जिसके करण मूल्यांकन को गति नहीं मिल पाई।

हालांकि, यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से कॉपीज के बंड़लों को भी सेनीटाइज करवा कर परीक्षकों के घर भिजवाए जा रहा है। साथ ही शिक्षकों से आग्रह भी किया जा रहा है कि उन्हें मूल्यांकन के दौरान उत्तर पुस्तिकाएं भेजने की व्यवस्था सुरक्षित दायरे में होगी। इसी के साथ प्राइवेट कॉलेज और विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और रिटायर शिक्षकों का भी मूल्यांकन कार्य में सहयोग लिया जा रहा है।

छात्र संगठनों के बीच चल रही खींचतान

आपको बता दें कि इन दिनों छात्र संगठनों के बीच बाकी बची परीक्षाओं के आयोजन को लेकर खींचतान चल रही है। जहां एक वर्ग परीक्षा कराना चाहता है , वहीं दूसरा परीक्षा नहीं करवाने के पक्ष में है, लेकिन इस बीच उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में शिक्षकों के रुचि नहीं लेने के कारण पूर्व में आयोजित परीक्षाओं के मूल्यांकन में भी देरी हो रही है, जिसका असर परिणाम और सत्र पर भी पड़ सकता है।

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