पायलट करेगें विधायकों पर कार्यवाही, लेकिन मैं उठाता रहूंगा नेतृत्व के खिलाफ आवाज !

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जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के तीखे हमलों पर सचिन पायलट ने भी जवाब दिया है. पायलट ने कहा कि कहा इस तरह के बयानों से दुखी हूं लेकिन हैरान नहीं. यह राजस्थान में सरकार के नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठाने का नतीजा है. यह हमला मेरी इमेज खराब करने की कोशिश है. विधायक जिन्होंने मुझ पर खरीद-फरोख्त करने के आरोप लगाए हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा.

बता दें कि राजस्थान सरकार की सियासत में उठा सियासी तूफान अभी तक थमा नहीं है. इस समय सीएम अशोक गहलोत के तेवर काफी तीखे हैं. आज सचिन पायलट पर हमला बोलते हुए उन्होंने पायलट को निकम्मा तक बोल दिया है.

बिना नाम लिए पायलट पर गहलोत ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हमारे साथी हैं. 35 साल में प्रदेश अध्यक्ष बन गए, उप मुख्यमंत्री बन गए. 10-12 साल के गेम में आप सब कुछ बन गए. उसके बाद जिस तरह से उन्होंने खेल-खेला वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. किसी को यकीन नहीं होता था.

सचिन पायलट पर फूटा CM अशोक गहलोत का गुस्सा, कहा- निकम्मा और नकारा

मने कभी सवाल नहीं किया कि वह कितना काम कर रहे हैं, कितना काम कर पा रहे. हम जानते थे कि क्या हो रहा है, कुछ नहीं हो रहा था यार. 7 साल के अंदर राजस्थान के भीतर किसी ने भी पायलट को हटाने की मांग नहीं की कि अध्यक्ष पद से हटाए हम जानते थे. निकम्मा नाकारा है. खाली लोगों को लड़वा रहे हैं. कुछ नहीं कर रहा है.

राज सीएम गहलोत ने कही ये बातें
राजस्थान में कल्चर ऐसा है. हम नहीं चाहते थे कि एक दिल्ली में ऐसा लगे कि हम लोग आपस में लड़ रहे हैं. हमने कभी एक शब्द उनके खिलाफ नहीं बोला. उम्र पीछे है, पद बड़ा है. मैंने सिखाया कि प्रदेश अध्यक्ष अगर आए तो खड़े होना चाहिए पर वह व्यक्ति भाजपा के लिए कांग्रेस के पीठ पर छुरा भोंक कर जाने के लिए तैयार हो जाए. राजस्थान के राज्यसभा चुनाव के दौरान भी इस तरह की षड्यंत्र रचा गया. कांग्रेस के अध्यक्ष बनने का ख्वाब देखे पर कॉर्पोरेट हाउस करें. मुंबई से अभी लंदन से वकील साहब बोल रहे हैं. किसके वकील हैं, कॉर्पोरेट हाउस के वकील हैं. एक पेशी की फीस 50-4000000 लाख फीस होती है. यह पूरा कॉर्पोरेट हाउस लगा हुआ है. मोदी जी को खुश करने के लिए यह सब कर रहे हैं. मैं कहना चाहूंगा कांग्रेस सरकार को गिराने का यह बड़ा षड्यंत्र है.

पहले ही आ गया था मैसेज
मुझे पहले ही मैसेज आ गया था कि मुख्यमंत्री के चहेते लोगों पर छापे पड़ेंगे. इतनी गुंडागर्दी हो रही है. देश के अंदर चाहे सीबीआई ईडी हो या इनकम टैक्स विभाग हो. कल पूनिया, राठौर साहब दिल्ली गए. इससे पहले सचिन गए थे और रातों-रात षड्यंत्र में शामिल होकर वापस आ गए. पायलट आप जाते थे तो खुद गाड़ी चला कर जाते थे. सारा काफिला छोड़ कर जाते थे. पुलिस नहीं लेकर जाते थे. छिप कर करते थे. जो छिप के काम करता है, वह गलत ही है. बीजेपी पूरा खेल खेल रही है. जो विधायक वहां पर है, जबरदस्ती रखा गया है. उनका फोन छीन लिया गया है.

पहले ही आ गया था मैसेज
मुझे पहले ही मैसेज आ गया था कि मुख्यमंत्री के चहेते लोगों पर छापे पड़ेंगे. इतनी गुंडागर्दी हो रही है. देश के अंदर चाहे सीबीआई ईडी हो या इनकम टैक्स विभाग हो. कल पूनिया, राठौर साहब दिल्ली गए. इससे पहले सचिन गए थे और रातों-रात षड्यंत्र में शामिल होकर वापस आ गए. पायलट आप जाते थे तो खुद गाड़ी चला कर जाते थे. सारा काफिला छोड़ कर जाते थे. पुलिस नहीं लेकर जाते थे. छिप कर करते थे. जो छिप के काम करता है, वह गलत ही है. बीजेपी पूरा खेल खेल रही है. जो विधायक वहां पर है, जबरदस्ती रखा गया है. उनका फोन छीन लिया गया है.

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