खुद खेल में फंस गये पायलट, पायलट खेमे के विधायक ने ही फंसा दिये सचिन !

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जयपुर: राजस्थान में ‘सियासी ड्रामा’ जारी है. इस सियासी ड्रामा के अंत कब होगा, ये तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इससे पहले कांग्रेस के तीन विधायक इस पूरे मामले के केंद्र में आ गए हैं, जिन्होंने अंतिम क्षण में अपनी निष्ठा बदलकर सचिन पायलट के उन मंसूबों पर पानी फेर दिया, जिसके तहत वह अशोक गहलोत की राज्य सरकार को गिराना चाहते थे.

ये तीन विधायक हैं-दानिश अबरार, डिडवाड़ा से विधायक चेतन दूदी और राजखेड़ा से विधायक रोहित बोहरा. दिवंगत सांसद अबरार अहमद के बेटे दानिश अबरार दिल्ली में कांग्रेस के एक कद्दावर नेता के करीबी हैं. इन तीनों विधायकों को पायलट का करीबी माना जाता था और ये पहले ही दिन खुद से दिल्ली आए थे, लेकिन बाद में वापस चले गए.

अन्य एक विधायक हैं भंवरला शर्मा, जिनका ऑडियो क्लिप लीक हुआ है, जिसमें वह बीजेपी के साथ कथित तौर पर सौदेबाजी करते सुने जा रहे हैं. सूत्रों ने कहा कि ये तीनों विधायक एआईसीसी के एक शीर्ष पदाधिकारी के हस्तक्षेप पर जयपुर लौट गए.

शीर्ष कांग्रेस पदाधिकारी ने तीनों विधायकों को लौटने के लिए राजी किया और साथ ही पायलट खेमे की योजना और संभावित तख्तापलट के लिए पायलट के संपर्क में संभावित विधायकों की सही संख्या की भी, जानकारी हासिल कर ली. तख्ता पलट की योजना बीच में ध्वस्त हो गई, क्योंकि कांग्रेस को योजना की जानकारी पहले ही मिल गई और उसने अपने विधायकों को रोक लिया और वे दिल्ली नहीं पहुंच पाए.

इस बीच, इन तीनों विधायकों ने जयपुर पहुंचने के बाद बीजेपी के साथ किसी बैठक से इंकार किया और प्रेस के सामने बोहरा ने कहा, ‘हम कांग्रेस के सैनिक हैं और अंतिम सांस तक पार्टी के साथ रहेंगे.’ दूदी ने कहा कि उनकी नेता सोनिया गांधी हैं. जबकि, दानिश अबरार ने कहा कि सरकार को कोई खतरा नहीं है.

जयपुर पहुंचने के बाद इन तीनों विधायकों ने कहा कि वे निजी दौरे पर दिल्ली गए थे, लेकिन भंवरलाल शर्मा के लीक टेप ने पायलट खेमे को कटखरे में खड़ा कर दिया है. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने बीजेपी की निंदा करते हुए कहा, ‘उनके द्वारा इस बात को स्वीकार करने की पूरी बेशर्मी अत्यंत चकित करने वाली है कि, उन्हें इस बात की कोई चिंता नहीं है कि, वे रंगेहाथ पकड़े गए, बल्कि वे इस सच्चाई के बारे में चिंतित हैं कि वे रिकॉर्ड कर लिए गए हैं और वे पूछ रहे हैं कि, क्या ऐसा करना वैध था.’

हालांकि, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इंकार किया है कि, वे शर्मा के संपर्क में थे, लेकिन कांग्रेस ने शेखावत को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है. पार्टी नेता अजय माकन ने जयपुर में कहा, ‘कांग्रेस मांग करती है कि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत या तो इस्तीफा दें या उन्हें बर्खास्त किया जाए, ताकि वह लोगों को प्रभावित न कर सकें.’

इस बीच सूत्रों ने कहा कि, गुरुग्राम में ठहरे 19 विधायकों को दक्षिण दिल्ली के एक होटल में शिफ्ट कर दिया गया है. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि, वे किस होटल में हैं. पहले ये विधायक गुरुग्राम के आईटीसी ग्रैंड भारत में थे, लेकिन राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के वहां पहुंचने के बाद विधायकों ने अपना ठिकाना बदल लिया और पायलट खेमा इस बारे में चुप है कि विधायक कहां हैं.

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