विधायकों की खरीद-फरोख्त में हुआ बडा खुलासा, बनाया गया था बडा मास्टरप्लान

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राज्यसभा चुनावों के एलान के साथ ही राजस्थान में सियासी भूचाल आ गया हैं । हर दिन एक नई खबर सुनने को मिल रही हैं। इसी बीच राज्यसभा चुनाव को लेकर राजस्थान में जारी राजनीतिक उठापकठक के में विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त पर एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आखिर कैसे फेल हुआ असंतुष्टों का ‘मानेसर मिशन’? जानकार सूत्रों ने इस सारे घटनाक्रम पर खुलासा किया है.

11 जून के लिए बनाया गया था मास्टर प्लान :

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 11 जून के लिए एक बड़ा धमाका करने का प्लान बना था. लगभग दो दर्जन विधायकों को मानेसर (हरियाणा) शिफ्ट करने की योजना थी. स्व.राजेश पायलट की पुण्यतिथि की प्रार्थना सभा से लोगों को दौसा से सीधे मानेसर ले जाने का प्लान बनाया था. इसके लिए बाकायदा मध्य प्रदेश पैटर्न पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का काम भी शुरू हो गया था.

सीएम अशोक गहलोत के मास्टरस्ट्रोक ने की सारी कोशिशें नाकाम:

इतना ही नहीं मिली जानकारी के अनुसार कुछ लोगों द्वारा पहले से ही एडवांस राशि ले लिए जाने की भी चर्चा थी. इन लोगों ने धन बांटने वाली अननॉन फोर्सेज को पैसा उठाने वाले अपने लोगों के नाम एवं मोबाइल नंबर भी दे दिए थे. लेकिन इसी बीच बेहद जागरूक सीएम अशोक गहलोत ने मास्टरस्ट्रोक चल दिया. इसी के चलते इस प्लान के दो दिन पहले ही राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर को सील कर दिया गया.

1 COMMENT

  1. अशोक गहलोत साहब दवारा ये कहना कहां तक उचित हो सकता है कि खरीद फरोकत हुयी।सवाल ये कि अगर ऐसा हकीकत मै हुआ फिर एक मजबूत सरकार की नाकामयाबी ही सिद कहलायेगी।
    इसे विरोधी खेमा दवारा बै वजह कयो करे सरकार गिराने की बात जो संखया बल से परयापत हो ही नही सकती।
    हां इसे कांगेस की अंदुरनी चाल समझ मै आती नजर आ रही है ओर विरोधी हवा देने काम करदे।
    लेकिन परिसिथतियों को पैदा होने कयों दिया गया जबकि आपका गहलोत साहब का कद दिलली नेतृत्व का उभर कर सामने आ रहा है फिर यहां मजबूती करके दिलली कूच करना चाहिये जिससे अनँगल कथनी पर विराम लग सके।खरीद फरेकत का सफूगा गुबबारे के रूप मै उङ नही पाया कि सचिन पायलट ने बयान देकर हवा ही निकाल दी।

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