October 25, 2021

आलाकमान ने किया राजस्थान में बदलाव का फार्मूला तैयार, जानिए क्या है फॉर्मूला !!

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पंजाब कांग्रेस में सीएम से लेकर बड़े बदलावों के बाद अब कांग्रेस हाईकमान राजस्थान पर फोकस कर सकता है !

राजस्थान में सीएम की तबीयत ठीक होने के बाद अब सत्ता और संगठन में बदलावों की शुरुआत होगी !

आपको बता दें कि पहले फेज में मंत्रिमंडल फेरबदल और इसके बाद जिलाध्यक्षों की नियुक्ति होनी है !

मंत्रिमंडल फेरबदल में नए चेहरों को मौका देने के साथ विवादित और नॉन परफॉर्मर चेहरों को बाहर का रास्ता दिखाया जाना तय है !

राजस्थान में सीएम गहलोत और सचिन पायलट गुटों के बीच जारी खींचतान को मिटाने के लिए हाईकमान के स्तर पर अब कड़े फैसले लिए जाने की आशंका है !

पिछले साल बगावत के बाद सुलह के वक्त सचिन पायलट गुट के मुद्दों के समाधान की सहमति बनी थी !

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आपको बता दें कि सुलह कमेटी पायलट गुट के मुद्दों पर हाईकमान से चर्चा कर चुकी है और पायलट गुट अब अपने मुद्दों के समाधान की मांग कर रहा है !

साथ ही सूत्रों के मुताबिक़ अब मंत्रिमंडल फेरबदल से लेकर सत्ता-संगठन की नियुक्तियों में पायलट समर्थकों को भी मौका मिलेगा !

पायलट गुट शेयरिंग फॉर्मूले के हिसाब से मंत्रीमंडल फेरबदल में अपनी भागीदारी चाहता है !

साथ ही प्रदेश प्रभारी अजय माकन 29-30 जुलाई को जयपुर में सभी ​कांग्रेस विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से वन टू वन मुलाकात करके उनका मन टटोल चुके हैं !

वहीं अब वन टू वन मुलाक़ात के दौरान मिले फीडबैक के आधार पर अजय माकन कांग्रेस हाईकमान को रिपोर्ट दे चुके हैं !

आपकों बात कि कांग्रेस हाईकमान राजस्थान में बदलावों का ब्ल्यू प्रिंट तैयार कर चुका है अब अगले महीने से इनकी शुरुआत हो सकती है !

वहीं अब राजस्थान में भी पंजाब की तरह सबसे पहले मंत्रियों और संगठन में बदलाव किया जाएगा फिर टॉप लेवल पर बदलाव किया जाएगा !

कई फेज में बदलाव का फॉर्मूला अपनाया जा सकता है राजस्थान में पंजाब या छत्तीसगढ़ की तरह कांग्रेस के पास प्रचंड बहुमत नहीं है !

राजस्थान में विधायकों की नाराजगी का स्तर भी वह नहीं है जो कि पंजाब में अमरिंदर के लिए था !

राजस्थान में सीएम गहलोत गठबंधन वाली सरकार चला रहे हैं इसलिए मुख्यमंत्री स्तर पर जल्दी बदलाव की संभावना नहीं है लेकिन चुनावी साल से पहले बदलाव संभव है !

पंजाब के घटनाक्रम के बाद राजस्थान में अंदरूनी तौर पर कांग्रेस में हलचल बढ़ गई है !

साथ ही मंत्री और नेता हाईकमान के फैसले की टोह लेने में लग गए हैं इसी के साथ गुपचुप सियासी मुलाकातों का दौर भी चल रहा है !

कांग्रेस में हर कोई संभावित बदलावों को लेकर कयास लगा रहा है इस बार पंजाब के बदलावों के बाद सचिन पायलट गुट से जुड़े नेता रणनीतिक रूप से चुप हैं !

दरअसल पिछली बार जब नवजोत सिंह सिद्धू को कांग्रेस हाईकमान ने मुद्दों के समाधान के लिए बुलाया था तब पायलट समर्थक विधायकों ने अनसुलझे मुद्दों के समाधान की मांग मुखर होकर उठाई थी इस बार पायलट समर्थकों की चुप्पी रणनीतिक बताई जा रही है !

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