October 25, 2021

गहलोत से जा सकती है कुर्सी ?, राजस्थान का अगला मुख्यमंत्री कौन ?

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राजस्थान में एक तरफ अशोक गहलोत हैं और दूसरी तरफ सचिन पायलट हैं गहलोत को कांग्रेस में रणनीतिकार और चाणक्य कहा जाता है !

लेकिन लगता है कि अशोक गहलोत के अच्छे दिन नहीं चल रहे हैं क्योंकि सचिन पायलट गुट पर कार्रवाई करने के बाद गहलोत ने जो फैसले लिए वो बताते हैं कि गहलोत से शायद गलती हो गई है सचिन पायलट को प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी से हटा डोटासरा को बैठाया गया !

लेकिन जब से डोटासरा प्रदेशाध्यक्ष बने हैं तभी से विवादों में है फिर बात चाहे अपने नाथी का बाड़ा बयान को लेकर हो या फिर राजस्थान में सिर्फ लक्ष्मणगढ़ विधानसभा में ही ट्रांसफर का मामाला हो या फिर जिला अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष का पद ना भरने को लेकर हो !

हाल ही में RAS भर्ती को लेकर डोटासरा जमकर घिरे हुए हैं यानि गहलोत के फैसले पर जमकर सवाल उठ रहे हैं कि एक तरफ सचिन पायलट थे, जिनके नाम से कांग्रेस मजबूत होती थी कांग्रेस की छवि तेजी से बढ़ रही थी लोकप्रियता बढ़ रही थी और दूसरी तरफ गहलोत के डोटासरा हैं जिनके नाम पर कांग्रेस पर सवाल उठ रहे हैं उनके मंत्रालय पर सवाल उठ रहे हैं !

यानि जो सचिन पायलट ने बतौर प्रदेशाध्यक्ष कमाया था, वो डोटासरा गवां रहे हैं और इसकी जिम्मेदारी गहलोत पर है दूसरा फैसला गहलोत ने लिया था मुकेश भाकर को यूथ कांग्रेस का प्रदेशाध्यक्ष हटा कर गणेश घोघरा को बनाना !

लेकिन घोघरा ने भी वही किया जो डोटासरा ने किया जब से घोघरा प्रदेशाध्यक्ष बने हैं तभी से विवादों में है कहीं वो कहते हैं कि वो हिंदू नहीं है कभी वो अपनी ही गहलोत सरकार के खिलाफ बयान देते हैं तो अब उन्होंने राज्यपाल, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर विवादित बयान दे कांग्रेस की फजीहत करा दी है और गहलोत के सलेक्शन पर सवाल उठ रहे हैं !

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हालांकि कांग्रेस में ही बहुत से लोग हैं जो मानते हैं कि गहलोत सिर्फ खुद के बारे में सोचते हैं, कांग्रेस को हमेशा गहलोत ने कमजोर ही किया है फिर बात चाहे मदेरणा परिवार की हो , ओला परिवार की हो या फिर अन्य कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के हाशिये पर पहुंचने की हो !

हाल ही में सचिन पायलट ने भी इशारों ही इशारों में गहलोत पर हमला बोला था और कहा था कि हम सरकार बनाते हैं लेकिन फिर कभी 50 सीटों पर तो कभी 21 सीटों पर सिमट जाते हैं !

दरअसल सचिन ने जो आंकड़े दिए वो गहलोत के मुख्यमंत्री रहने के दौरान लड़े गए चुनाव और कांग्रेस की बुरी तरह हार के गवाह हैं अब माना जा रहा है कि या तो गहलोत की कुर्सी जा सकती है या फिर डोटासरा और गणेश घोघरा को बदला जा सकता है ।

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