पायलट खेमे पर हो सकती है FIR, इस मामले में हो सकती है FIR !

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जयपुर. राजस्थान में मचे सियासी घमासान (Political storm) के बीच उठापटक लगातार जारी है. सचिन पायलट (Sachin Pilot) और समर्थक विधायकों ने स्पीकर की ओर से भेजे गए अयोग्यता नोटिस को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी है. इसपर 3 बजे सुनवाई होनी है. विधानसभा अध्यक्ष ने बुधवार को सचिन पायलट समेत 19 कांग्रेस विधायकों को नोटिस भेजकर 17 जुलाई तक जवाब देने को कहा है. कांग्रेस का आरोप है कि पायलट खेमा विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं हुआ, पार्टी व्हिप का पालन नहीं किया. ऐसे में सबकी निगाहें अब हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हुई है. याचिकाकर्ताओं की ओर से हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पक्ष रखेंगे.

राजस्थान विधानसभा स्पीकर की ओर से केवीएट लगाई गई है, इसमें अशोक गहलोत पक्षकार नहीं हैं. यानी अब कोर्ट को फैसला देने से पहले अशोक गहलोत यानी सरकार का पक्ष भी सुनना होगा.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) और उनके प्रतिद्वंद्वी सचिन पायलट (Sachin Pilot) खेमे के बीच हो रही रस्साकसी में अब दो बड़े अपडेट सामने आए हैं. सूत्रों की मानें तो पायलट खेमे पर विधायकों को बंधक बनाने को लेकर मामला दर्ज हो सकता है.

पायलट खेमे में शामिल बागी विधायकों में से कुछ के परिजन इसको लेकर एफआईआर दर्ज करवा सकते हैं. वहीं खबर यह भी आ रही है कि जयपुर से 3 और विधायक पायलट खेमे में पहुंच गए हैं.
सूत्रों के अनुसार विधायकों को बंधक बनाने के मामले में हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने पर भी चर्चा चल रही है. सत्ता खेमे के रणनीतिकार, विधायकों को बंधक बनाने के आरोप में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने पर विचार कर रहे हैं.

हालांकि पायलट खेमे के ऐसे कौन से विधायक हैं उनका अभी तक नाम तो सामने नहीं आया है, लेकिन इसको लेकर सुगबुगाहटें जरूर तेज हो रही हैं. विधायकों की बाड़ाबंदी का आज चौथा दिन है.

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इस बीच 3 और विधायकों के जयपुर से दिल्ली पहुंचने की सूचना है. इनमें दो विधायक बीटीपी के राजकुमार और रामप्रसाद हैं. वहीं एक विधायक माकपा के गिरधारी लाल हैं.

ये तीनों रात को जयपुर से मानेसर पहुंचे बताए जा रहे हैं और फिलहाल सचिन समर्थक विधायकों के साथ होटल में मौजूद हैं. सचिन गुट का दावा है कि अब उनके पास 25 विधायक हैं. इनमें 19 विधायक कांग्रेस के, 3 निर्दलीय, 2 बीटीपी और 1 माकपा का है.

दोनों खेमों के विधायकों की संख्या को लेकर अपने-अपने दावे हैं

गहलोत सरकार पर आए सियासी संकट के बाद से बीते 4 दिनों से विधायकों की बाड़ाबंदी चल रही है. गहलोत समर्थक विधायक और मंत्री जयपुर के समीप एक लग्जरी होटल में डटे हैं. वहीं पायलट खेमे के विधायक एनसीआर के मानेसर स्थित होटल में जमा हैं.

दोनों खेमों के विधायकों की संख्या को लेकर अपने-अपने दावे हैं. फिलहाल सत्ता का संघर्ष जारी है. इस बीच पार्टी से बगावत करने वाले सचिन पायलट समेत उनके समर्थकों को दिए गए नोटिस पर भी जमकर बवाल मचा हुआ है.

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