सीएम गहलोत का बडा फैसला, कोरोना के बीच राज्य सरकार ने लिया अहम फैसला !

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कोरोना के चलते सभी सार्वजनिक स्थलों को देशभर में अनिश्चितकाल तक के लिए बंद कर दिया गया था हालांकि धीरे धीरे जब से देश लॉकडाउन के बाद अनलॉक की स्थिती में आया है तभी से कई स्थलों को खोलने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है लेकिन कई स्थानों को अभी भी बंद रखा गया है !

कोरोना संकट के बीच प्रदेश की गहलोत सरकार जनता के लिये पहले भी कई अहम फैसले ले चुकी है इस बीच सूबे की गहलोत सरकार ने एक और बडा फैसला लिया है प्रदेश में आगामी एक सितम्बर से सभी धार्मिक स्थल आमजन के लिए खोले जा सकेंगे। कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए गृह विभाग इसके लिए अलग से गाइडलाइन जारी करेगा। राज्य सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिला कलेक्टर सोशल डिस्टेंसिंग एवं हैल्थ प्रोटोकॉल के साथ धार्मिक स्थलों को खोले जाने के लिए अभी से तैयारी शुरू करें।

यह भी निर्देश दिए गये हैं कि सभी ग्राम पंचायतों के लिए 31 अगस्त तक ग्राम रक्षकों का चयन करें। ये ग्राम रक्षक पुलिस और जनता के बीच सेतु का काम करेंगे, जिससे पुलिस के प्रति आमजन में विश्वास और बढे़गा। साथ ही पुलिस को सहयोग और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी में मदद मिल सकेगी।

सीएम ने निर्देश दिए कि जिलों में कोविड-19 महामारी की और बेहतर मॉनिटरिंग के लिए प्रभारी सचिव 31 अगस्त से दो दिन के दौरे पर जाएं और वहां सभी व्यवस्थाओं का जायजा लें। वे अपने इस दौरे में जागरूकता अभियान, चिकित्सा संसाधनों की स्थिति, प्लाजमा थैरेपी सहित अन्य व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करें और आवश्यकताओं के संबंध में राज्य सरकार को अवगत कराएं। निर्देश दिए कि उन जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिनमें जुलाई माह में अधिक पॉजिटिव केस सामने आए हैं।
प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में आईसीएमआर की अनुमति के साथ जल्द से जल्द प्लाज्मा थैरेपी शुरू करने के निर्देश दिए। प्लाज्मा डोनेट करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए। सीएम ने कहा कि यह संतोष की बात है कि जयपुर, जोधपुर, कोटा एवं उदयपुर के बाद अब बीकानेर में भी प्लाज्मा थैरेपी की शुरूआत हो गई है। बैठक में बताया गया कि आगामी 15 अगस्त तक अजमेर में भी प्लाज्मा थैरेपी प्रारम्भ करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कोविड-19 से बचाव के लिए लाउडस्पीकर के माध्यम से जागरूकता फैलाने पर जोर देते हुए कहा कि इस सिस्टम को प्रभावी रूप से लागू करें। स्थानीय बोली में ऐसे संदेश आमजन तक फैलाएं, जिसे वे आसानी से समझ सकें। इस कार्य में पीसीआर वैन, कचरा एकत्र करने वाली गाड़ियों एवं अन्य वाहनों का भी उपयोग किया जा सकता है।
बैठक में चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, मुख्य सचिव श्री राजीव स्वरूप, अति. मुख्य सचिव गृह श्री रोहित कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अपराध श्री एमएल लाठर, अति. मुख्य सचिव खान श्री सुबोध अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा श्री अखिल अरोरा, सचिव वित्त श्री टी. रविकान्त, चिकित्सा शिक्षा सचिव श्री वैभव गालरिया, शासन सचिव आपदा प्रबंधन श्री सिद्धार्थ महाजन, सचिव खाद्य आपूर्ति श्री हेमन्त गेरा, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त श्री महेन्द्र सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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