प्रदेश सरकार को गिराने का प्रयास, गहलोत के साथ आये पायलट, 30 करोड एक विधायक को दिये जाने की चर्चा

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जयपुर. राजस्थान की सरकार पर सियासी संकट बढता जा रहा है शुरूआत से ही प्रदेश की सरकार को अस्थिर करने के प्रयास किये जा रहे थे लेकिन इसमें सफलता हाथ नहीं लगी अब एक बार फिर राज्यसभा चुनाव के बीच गहलोत सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है और अब यह षडयंत्र खुलकर सामने भी आ गया है

दरअसल ये षडयंत्र एक लोकतांत्रिक तरीके से चुनी बहुमत की सरकार को अल्पमत में लाने का है, दिल्ली और जयपुर में कुछ अज्ञात शक्तियां रणनीति बना रही हैं लेकिन पहली बार हकीकत में स्थिती गंभीर है सीएम गहलोत को 15 दिन पहले से ही इस षडयंत्र की भनक लग गयी थी जिसके लिए मुख्यमंत्री गहलोत ने अपने सूचना तंत्र को एक्टिव भी कर दिया था इस बीच बुधवार को सभी आशंकाओं की पुष्टि भी हो गयी

खबर यह भी सामने आयी है कि एक बडा पॉलिटिकल फंड भी जयपुर आ सकता है और अब विधायकों की खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया शुरू होगी राजनीतिक क्षेत्रों में प्रत्येक विधायक को 30 करोड का ऑफर दिये जाने की चर्चा भी सामने आयी है गहलोत कैम्प के सूत्रों ने भी इसकी बाकयदा पुष्टी की है

इसी बीच कांग्रेस आलाकमान के प्रतिनिधी रणदीप सुरजेवाला और टीएस सिंहदेव बुधवार को जयपुर पहुंचे प्रदेश कांग्रेस प्रभारी भी आज जयपुर आ सकते हैं बुधवार को शिव विलास रिसोर्ट में कांग्रेस विधायकों की बैठक थी जिसमें 70 से अधिक विधायक शामिल हुये लेकिन दीपेन्द्र सिंह शेखावत बीच में से ही रिसोर्ट से बाहर निकल गये इससे पहले डिप्टी सीएम सचिन पायलट मुख्यमंत्री निवास पहुंचे थे पायलट के रोल के बारे में भी बडा खुलासा हुआ है जिसमें कहा गया है 26 मार्च को राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले दिल्ली में एक बडा गेम प्लान बना था जिसमें लगभग दो दर्जन कांग्रेसी और निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे का प्लान बना था जिसके सूत्रधार सतीश पूनिया और राजेन्द्र राठौड थे

इसी कैम्प ने पायलट को भी भाजपा ज्वॉइन करने का ऑफर दिया था लेकिन पायलट ने यह ऑफर ठुकरा दिया था और अपनी भाजपा ज्वॉइन करने की संभावनाओं से साफ इनकार किया था और निकट भबिष्य में भाजपा ज्वॉइन करने की अपनी संभवानाओं से भी पायलट ने इनकार किया था और पीसीसी चीफ का यह संदेश भाजपा आलाकमान तक पहुंचा तो फिर सतीश पूनिया, राजेन्द्र राठौड और कुछ दूसरे गुमनाम नेताओं ने इस ऑपरेशन की कमान संभाली

अलबत्ता निर्दलीय का जिम्मा प्रकाश जावडेकर और गजेन्द्र सिंह शेखावत को दिए जाने की चर्चा होने लगी और इस तरह पायलट की इस खेल में कोई भूमिका नहीं रही इस बीच भाजपा से जुडे सूत्रों ने किया दावा किया था कि सरकार को अल्पमत में लाने की योजना पर पायलट कैम्प से जुडे सूत्रों के मौन समर्थन का दावा लेकिन पायलट ने इस प्रचार को शरारतपूर्ण बताया था और सार्वजनिक तौर पर कांग्रेस न छोडने की बात कही थी

मंगलवार को भी सचिन पायलट ने भाजपा पर भ्रम फैलाने के आरोप लगाये थे आपको बता दें प्रदेश की कांग्रेस सरकार को इससे पहले भी गिराने की साजिश हुयी थी लेकिन कोरोना संकट के कारण राज्यसभा चुनाव टलने की वजह से सारी साजिशें रखी रह गयी थीं अब फिर से ऐसे प्रयास किये जा रहे हैं

इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस गंभीर है जिसको लेकर विधानसभा में मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में शिकायत दर्ज कराई कि राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए कांग्रेस व उसके समर्थक निर्दलीय विधायकों को प्रलोभन दिया जा रहा है।

जोशी ने एसीबी के महानिदेशक को भेजी शिकायत में कहा है,’ अति विश्वस्त सूत्रों से मेरी जानकारी में आया है कि कर्नाटक, मध्य प्रदेश व गुजरात की तर्ज पर राजस्थान में भी हमारे विधायकों व हमारा समर्थन कर रहे निर्दलीय विधायकों को भारी प्रलोभन देकर राज्य की लोकतांत्रिक तौर से चुनी हुई जनसेवा को समर्पित सरकार को अस्थिर करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है।’

जोशी ने इस तरह के लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
हालांकि उन्होंने अपने पत्र में ऐसा प्रयास करने वाली किसी पार्टी या नेता का नाम नहीं लिया है। एसीबी के महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि शिकायत पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा ,’ शिकायत मिली है और इसकी जांच होगी।’ इस बीच आगामी राज्यसभा चुनावों को लेकर चर्चा करने के लिए कांग्रेस व उसके समर्थक विधायक बुधवार शाम को मुख्यमंत्री निवास पर पहुंचे।

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